छत्तीसगढ़ का प्रमुख त्योहारों में से एक पोला त्यौहार। पोला पर्व की रोचक तथ्य।pola festival in chhattisgarh

छत्तीसगढ़ का प्रमुख त्योहारों में से एक पोला त्यौहार। पोला पर्व की रोचक तथ्य।pola festival in chhattisgarh

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लोक पर्व। छत्तीसगढ़ प्रदेश का लोक पारंपरिक त्यौहार भाद्रपद महीने में मनाए जाने वाला पिठोरी पोला त्यौहार छत्तीसगढ़ (pola festival in chhattisgarh) के लिए बहुत ही अहम महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान प्रदेश होने के नाते खेती किसानी से जुड़े हुए त्योहारों को प्राथमिकता देती है और यह पोला त्यौहार भी किसानों के लिए खास त्यौहार माना जाता है।
पोला त्यौहार कब मनाया जाता है?
पोला त्यौहार (pola festival) भाद्रपद (भादो) महीने के अमावस्या के दिन मनाया जाता है भाद्रपद महिना अंग्रेजी नाम अनुसार अगस्त महीने में आता है।
पोला त्यौहार क्यों मनाया जाता है?pola tyohar kyon manaya jata hai
आप सभी को पता है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और धान का कटोरा कहलाने वाला भारत का एक मात्र राज्य छत्तीसगढ़ है जहां धान की सर्वाधिक उत्पादन होती है और किसान सबसे ज्यादा खेती धान की ही करना पसंद करते हैं और वह धान को देवी स्वरूप लक्ष्मी स्वरूप मानकर पूजा भी करते हैं क्योंकि चावल का एकमात्र राज्य छत्तीसगढ़ सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राज्य है।
भाद्रपद महीने में किसान अपने खेतों में खेती किसानी का कार्य (रोपाई,निराई-गुढ़ाई) लगभग सम्पूर्ण हो चुकी होती है।इसी महीने में धान की फसल गर्भ धारण करती है और बीज का पोषण करती है,यही वजह है कि छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) में भाद्रपद महीने में पोला त्यौहार के रूप में मानते हैं।
पोला त्यौहार के दिन गांव के झांकर-बैगा घर से बाहर निकल कर व्रत उपवास रखकर गांव देहार की मंगल कामना करते है। पोला के दूसरे दिन शुक्ल प्रतिपदा को गांव की प्रमुख देवी-देवताओं की पूजा कर खेत नया धान की बाली , पुष्प,बेल पत्र ,अक्षत आदि से पूजा की जाती है।तदपश्चात झांकर बैगा द्वारा घर-घर जाकर चौखट पर  धान की बाली बांधते हैं।
पोला त्यौहार छत्तीसगढ़ के स्त्री, पुरुषों एवं बच्चों के लिए  अलग-अलग महत्व है इस दिन पुरुष अपने बैलों की पूजा करते हैं और बच्चे मिट्टी के बने बैल  की पूजा करते हैं।